मेरा मन हर लिया हारां वाले ने

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरा मन हर लिया

मेरा, मन हर लिया, हारां वाले ने ।

मेरा, मन हर लिया, कुण्डलां वाले ने ॥

हारां, वाले ने, कुण्डलां, वाले ने ॥

मेरा, मन हर लिया, हारां...

कुष्ण, देवकी दा जाया, जन्म मथुरा च पाया ॥

ओ कैसा, खेल रचाया, हारां, वाले ने ॥

मेरा, मन हर लिया, हारां...

श्याम, पींघां जे पाईआं, सखियाँ, झूहटन आईयाँ ॥

ओ कैसी, पींघ झूहटाई, हारां, वाले ने ॥

मेरा, मन हर लिया, हारां...

श्याम, मुरली वजाई, राधा दौड़ी चली आई ॥

ओ कैसी, प्रीत लगाई, हारां, वाले ने ॥

मेरा, मन हर लिया, हारां...

श्याम, रासाँ रचावे, नाले बंसी वजावे ॥

ओ कैसा, दिल भरमाया, हारां, वाले ने ॥

मेरा, मन हर लिया, हारां...

छाल, यमुना च मारी, यमुना जल भर आई ॥

कीती, नाग ते स्वारी, हारां, वाले ने ॥

मेरा, मन हर लिया, हारां...

श्याम, बंसी बजावे, नाले, सब नू नचावे ॥

ओ कैसी, लगन लगाई, हारां, वाले ने ॥

मेरा, मन हर लिया, हारां...

श्याम, मिटटी जो खाई, मईया, दौड़ी चली आई ॥

त्रि,लोकी दिखाई, हारां, वाले ने ॥

मेरा, मन हर लिया, हारां...

श्याम, दिल च वसाया, ओहने गोकुल डेरा लाया ॥

बड़ा, भगतां नू रुलाया, हारां, वाले ने ॥

मेरा, मन हर लिया, हारां...

कंस ने, अखाड़ा लगाया, ओथे श्याम नू बुलाया ॥

ओ मामा, मार मुकाया, हारां, वाले ने ॥

मेरा, मन हर लिया, हारां...

अर्जुन, युद्ध में आया, संग श्याम को लाया ॥

गीता, ज्ञान सुनाया, हारां, वाले ने ॥

मेरा, मन हर लिया, हारां...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।