मईयारी मईया एक खिलौना ठा. प्रकाश सिंह चौहान भजन

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मईया री मईया एक खिलौना छोटा सा दिलवा दे,

चाभी भर कर जब मैं छोड़ू तो एक ही रटन लगावे,

बोले राम राम राम बोले राम राम राम

सुन मइयां सुन मइयां मुझे एक खिलौना दिलवादे,

बोले राम राम राम

ना मैं चाहू हाथी घोड़ा ना कोई बाजे वाला,.

मुझको तो बस आज दिलादे दादा सोनटे वाला

बटन दबाते ही वो झट से अपनी पूछ घुमावे,

चाभी भर कर जब मैं छोड़ू तो एक ही रटन लगावे,

बोले राम राम राम ... बोले राम राम राम

श्री उत्तरमुखी बालाजी मेरा मेरे मन वस जाए,

संकट पकड़े उन्हें नचावे मस्ती में खो जाए

संकट उनके दर पर झूमे चीखें और चिल्लाए

दादा मेरा सोंटे मारे एक ही रटन लगावे,

बोले राम राम राम।बोले राम रामराम

श्री उत्तरमुखी बालाजी को अपना आज बना लूं

प्रकाश महंत से मिलकर मैया अपना भाग जगा लूं

देर करो मत अब मेरी मइयां जल्दी से मिलवा दे,

चाभी भर कर जब मैं छोड़ू तो एक ही रटन लगावे,

बोले राम राम राम बोले राम राम राम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।