कान्हां आवो तो सही,श्याम आवो तो सही

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कांन्हा आवो तो सही,श्याम आवो तो सही

सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी

कांन्हा आवो तो सही...

कहो तो कन्हैया मैं,कुण्डल बन जाऊं

कानों में रहकर,तेरी शोभा बढ़ाऊं

कान्हां आवो तो सही,श्याम आवो तो सही

सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी

कांन्हा आवो तो सही...

कहो तो कन्हैया मैं,माला बन जाऊं

गले की शोभा बन,हृदय से लग जाऊं

कान्हां आवो तो सही,श्याम आवो तो सही

सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी

कांन्हा आवो तो सही...

कहो तो कन्हैया,तेरी बासुरीं बन जाऊं

हाथों में रहकर,अधरों पे सज जाऊं

कान्हां आवो तो सही,श्याम आवो तो सही

सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी

कांन्हा आओ तो सही...

कहो तो कन्हैया,पागल मामा हो जाऊं

चरणों में रहकर,अपना जीवन बिताऊं

कान्हां आवो तो सही,श्याम आवो तो सही

सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी

कांन्हा आओ तो सही...

साडे ईक वारी आजा ओ रगिलें रसिया-2

ओ रगिलें रसिया,ओ छबिलें रसिया-2

रसिक पागल मामा पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।