लगाया शिव का आज मैंने ध्यान है वो कैलाशपति मेरा शंभू सूजान है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

( तर्ज - जिसकी ऊँगली पे चलता ये.. )

लगाया शिव का आज मैंने ध्यान है

वो कैलाशपति मेरा शंभू सूजान है

गोरा के साथ विराजे वो महान है

वो कैलाशपति मेरा शंभू सूजान है

तुम जल चढ़ा कर देखो तेरा ये काम करेगा

तुम मन लगा कर देखो तेरा ये नाम करेगा

तेरे मंदिर में बस्ती मेरी जान है

लगाया शिव का आज मैंने ध्यान है ...

ज़ब अपनों ने मुझे छोड़ा तब शिव ने था अपनाया

आंखों से आंसू आए तब शिव ने गले लगाया

बाबा बचाता भक्तों का सम्मान है

लगाया शिव का आज मैंने ध्यान है ...

क्या बताऊं भोले तूने कितना मुझे दिया है

जिस - जिस ने मारा ताना तूने उनको ठीक किया है

तेरे भजनों से लकी को मिली पहचान है

लगाया शिव का आज मैंने ध्यान है ...

Lyrics - ।ucky Shuk।a

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।