अब तो रह न सकूँ मेरे श्याम, बिन तेरे रह न सकूँ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अब तो रह न सकूँ मेरे श्याम, बिन तेरे रह न सकूँ

अब तो रह न सकूं मेरे श्याम, बिन तेरे रह न सकूं

मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूं

मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूँ

रातों को नींद में आता है तू, दिन का चैन चुराता है तू

रातों को नींद में आता है तू, दिन का चैन चुराता है तू

बैठा साँसों में डेरा डाल, बिन तेरे रह न सकूं

बैठा साँसों में डेरा डाल, बिन तेरे रह न सकूँ

मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूं

देखूँ जो तुझको दिल मेरा धड़के, ना देखूँ तो रूह मेरी तड़पे

देखूं जो तुझको दिल मेरा धड़के, ना देखूं तो रूह मेरी तड़पे

कैसे जीऊं तुझ बिन सरकार, बिन तेरे रह न सकूं

कैसे जीऊँ तुझ बिन सरकार, बिन तेरे रह न सकूँ

मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूं

थामा जो हाथ तो थामे रखना, प्रीत की डोर में बांधे रखना

थामा जो हाथ तो थामे रखना, प्रीत की डोर में बांधे रखना

रहे जनम जनम का साथ, बिन तेरे रह न सकूं

रहे जनम-जनम का साथ, बिन तेरे रह न सकूँ

मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूं

जिस्म भी तू है, जान भी तू है, कान्हा मेरी पहचान भी तू है

जिस्म भी तू है, जान भी तू है, कान्हा मेरी पहचान भी तू है

है तू ही मेरा संसार, बिन तेरे रह न सकूं

है तू ही मेरा संसार, बिन तेरे रह न सकूँ

मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूं

बिन तेरे रह न सकूं श्याम, बिन तेरे रह न सकूं

बिन तेरे रह न सकूं

गायिका एवं रचना रंजना गुंजन

संगीत सकल देव साहनी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।