आना पड़ेगा जान ले दरबार श्याम के

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज :- कैसे भुला दूँ साँवरे उपकार आपके

आना पड़ेगा जान ले दरबार श्याम के

कोई नहीं यहाँ तेरा कोई ना काम के

चाहे तू कितना भाग ले फीर ले इधर उधर

माया की चाह में भले भटके तू दर बदर

कुछ भी नहीं यहाँ तेरा सिवाये श्याम के

आना पड़ेगा जान ले दरबार श्याम के

कुछ भी न साथ जायेगा ये जान ले जरा

थोड़ा समय निकालकर प्रभु नाम ले जरा

अंतिम ठिकाना है तेरा चरणों में श्याम के

आना पड़ेगा जान ले दरबार श्याम के

अपने हृदय में श्याम को जिसने बिठा लिया

उसको सारे जहान ने सर पर उठा लिया

चहुँ ओर डंका बज रहा कृष्णा के नाम से

आना पड़ेगा जान ले दरबार श्याम के

✍️विकास अग्रवाल कृष्णा

रायगढ़ , छत्तीसगढ़

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।