गणेशा चले आए हाय धीरे धीरे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गणेशा चले आए हाय धीरे धीरे

गणेशा, चले आए, हाय धीरे धीरे ॥

गणपति, चले आए, हाय धीरे धीरे ॥

हाय, धीरे धीरे, हाय होले होले ॥

गणेशा, चले आए, हाय...

सुंदर सा मुखड़ा, सूंड विशाला ।

हो सूंड विशाला, हो सूंड विशाला ।

गले में उनके, दुर्वा की माला ॥

हो दुर्वा की माला, हो दुर्वा की माला ।

मूषक, दौड़े आए, हाय धीरे-धीरे ।

गणेशा, चले आए, हाय...

रिद्धि, भी आई संग, सिद्धि भी आई ॥

हो रिद्धि भी आई, हो सिद्धि भी आई ।

संग, में अपने, खुशियाँ लाई ॥

खुशियाँ लाई, हो खुशियाँ लाई ।

शुभ, लाभ चले आए, हाय धीरे-धीरे ।

गणेशा, चले आए, हाय...

जिस घर में, मेरे गणपति आएँ ।

हो गणपति आएँ मेरे, गणपति आएँ ।

रोग, दोष, संकट मिट जाए ॥

हो रोग मिट जाएँ , हो संकट मिट जाएँ ॥

भगत, खुशियाँ मनाएँ, हाय धीरे धीरे ।

गणेशा, चले आए, हाय...

मेवा, भी लाई मैं, लड्डू भी लाई ।

हो लड्डू भी लाई मैं, मेवा भी लाई ।

मोदक, भी लाई मै, गन्ना भी लाई ॥

हो मोदक भी लाई मैं गणना भी लाई ।

बप्पा, भोग लगाए, हाय धीरे-धीरे ।

गणेशा, चले आए, हाय...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।