आओ आओ गौरां के लाल

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

आओ आओ गौरां के लाल

आओ आओ, गौरां के लाल, हो लाल,

तुम्हें, आज, बुलावा देते हैं ॥

तुम्हें, आज, बुलावा देते हैं ॥

आओ आओ, गौरां के लाल...

पहले प्रभु, पूजा, तुम्हारी हो ।

सम्मान, के तुम, अधिकारी हो ॥

भोले ने...जय हो ॥।दिया वरदान, हो वरदान,

तुम्हें, आज, बुलावा देते हैं...

आओ आओ, गौरां के लाल...

शुभ, मंगल, कीर्तन करना है ।

प्रभु, तेरा दर्शन, करना है ॥

दर्शन दो...जय हो ॥।करो निहाल, हो लाल,

तुम्हें, आज, बुलावा देते हैं...

आओ आओ, गौरां के लाल...

सरताज़, तुम्हीं, सब देवन के ।

संकट, हरते, सब भक्तन के ॥

अब ले लो...जय हो ॥।भव से निकाल, ओ लाल,

तुम्हें, आज, बुलावा देते हैं...

आओ आओ, गौरां के लाल...

रिद्धि, सिद्धि और, शुभ लाभ लाओ ।

प्रभु, भक्तन का मान, बढ़ा जाओ ॥

करो, भक्तन...जय हो ॥।को मालामाल, ओ लाल,

तुम्हें, आज, बुलावा देते हैं...

आओ आओ, गौरां के लाल...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।