वंदे राम नाम गुण गाइले रे माया के मतवारे

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

वंदे राम नाम गुण गाइले रे ओ माया के मतवारे

ओ माया के मतवारे मूर्ख माया के मतवारे

वंदे राम नाम गुण गाइले रे ओ माया के मतवारे

बालपन हसि खेल ग़मायो

जवानी में त्रिया से नेह लगायो

अब त्रिया संग मोज उड़ाइले रे ओ माया के मतवारे।

दुखियन कु तूने खूब सतायो

ब्याज पे ब्याज जोड़ तू आयो

अब कितनी भी शान जमाइले तू माया के मतवारे

नाती बेटन पे खूब सिहायो

तोकू कोई न पानी लायो

अब प्यासो ही प्राण गमाइले रे माया के मतवारे

अंत समय जब तेरो आयो

बेटा पूछे धन कहा छुपायो

अब बहुनि के घूंसा खाइले रे माया के मतवारे

कमल ब्रजवासी (आगरा)

8077848903

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।