मेरी विनती यही है गोरा रानी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरी विनती है तुमसे गौरा रानी,

शिवजी से हमें जोड़े रखना,

जपूँ ओमकारा गौरा रानी,

जपूँ ओमकारा गौरा रानी,

शिवजी से हमें जोड़े रखना,

शिवजी से हमें जोड़े रखना ॥

तोड़े दुनिया के बंधन सारे,

मैं शिव की शरण आ गया,

मैं शिव की शरण आ गया,

जपूँ ओमकारा गौरा रानी,

जपूँ ओमकारा गौरा रानी,

शिवजी से हमें जोड़े रखना,

शिवजी से हमें जोड़े रखना ॥

शिव नाम की माला फेरूं,

गौरा जी तेरा नाम सिमरु,

गौरा जी तेरा नाम सिमरु,

मैया गौरा तू भोलेजी की प्यारी,

मैया गौरा तू भोलेजी की प्यारी,

ये प्रीत सदा जोड़े रखना,

शिवजी से हमें जोड़े रखना ॥

भोले नाम का मैं जोगी बनके,

मगन रहूं भक्ति में,

मगन रहूं भक्ति में,

कहे वैरागी शिव वरदानी,

कहे वैरागी शिव वरदानी,

चरणों में तू बिठाए रखना,

शिवजी से हमें जोड़े रखना ॥

मेरी विनती है तुमसे गौरा रानी,

शिवजी से हमें जोड़े रखना,

जपूँ ओमकारा गौरा रानी,

जपूँ ओमकारा गौरा रानी,

शिवजी से हमें जोड़े रखना,

शिवजी से हमें जोड़े रखना ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।