चाहे ब्रह्मा कहो चाहे विष्णु कहो महादेवा

पारंपरिक
महादेव भजन विविध भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

चाहे ब्रह्मा कहो चाहे विष्णु कहो

चाहे, ब्रह्मा कहो, चाहे, विष्णु कहो, महाँदेवा,

ॐ नमो, भगवते, वासुदेवा ॥

ॐ नमो, भगवते, वासुदेवा, ॐ नमो, भगवते, वासुदेवा ॥

चाहे, ब्रह्मा कहो, चाहे विष्णु कहो...

ओ कैलाश, के वासी, कहां हो, हम बुलाए, यहां तुम, कहां हो ॥

ले के, गोरा को साथ, ले के, डमरू को हाथ, आओ देवा,

ॐ नमो, भगवते, वासुदेवा ।

चाहे, ब्रह्मा कहो, चाहे विष्णु कहो...

ओ वैकुंठ, के बांसी, कहां हो, हम बुलाए, यहां तुम, कहां हो ॥

ले के, लक्ष्मी को साथ, ले के, चक्र को हाथ, आओ देवा,

ॐ नमो, भगवते, वासुदेवा ।

चाहे, ब्रह्मा कहो, चाहे विष्णु कहो...

ओ अयोध्या, के वासी, कहां हो, हम बुलाए, यहां तुम, कहां हो ॥

ले के, सीता को साथ, ले के, धनुष को हाथ, आओ देवा,

ॐ नमो, भगवते, वासुदेवा ।

चाहे, ब्रह्मा कहो, चाहे विष्णु कहो...

ओ मथुरा, के वासी, कहां हो, हम बुलाए, यहां तुम, कहां हो ॥

ले के, राधा को साथ, ले के, मुरली को हाथ, आओ देवा,

ॐ नमो, भगवते, वासुदेवा ।

चाहे, ब्रह्मा कहो, चाहे विष्णु कहो...

ओ मथुरा, के वासी, कहां हो, हम बुलाए, यहां तुम, कहां हो ॥

ले के, राधा को साथ, ले के, मुरली को हाथ, आओ देवा,

ॐ नमो, भगवते, वासुदेवा ।

चाहे, ब्रह्मा कहो, चाहे विष्णु कहो...

ओ गुफ़ा, के वासी, कहां हो, हम बुलाए, यहां तुम, कहां हो ॥

ले के, रत्नो को साथ, ले के, चिमटे को हाथ, आओ देवा,

ॐ नमो, भगवते, वासुदेवा ।

चाहे, ब्रह्मा कहो, चाहे विष्णु कहो...

ओ पहाड़ों, की वासी, कहां हो, हम बुलाए, यहां तुम, कहां हो ॥

ले के, लांगुरिया को साथ, ले के, त्रिशूल को हाथ, आओ देवा,

ॐ नमो, भगवते, वासुदेवा ।

चाहे, ब्रह्मा कहो, चाहे विष्णु कहो...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।