नमः शिवाय नमः शिवाय दो मंत्रों की माला है

पारंपरिक
महादेव मंत्र शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

नमः शिवाय नमः शिवाय दो मंत्रों की माला है

नमः शिवाय, नमः शिवाय, दो मंत्रों की माला है ।

जाकर, कह दो, पार्वती से, आया डमरू वाला है ॥

ना मुकुट है, शीश पे उनके, ना कोई, पहने सेहरा है ॥

काली, जटाओं, के बीच में, बहती, गंग धारा है ।

जाकर, कह दो, पार्वती से, आया डमरू वाला है ।

नमः शिवाय, नमः शिवाय, दो मंत्रों की...

ना कुण्डल है, कान में उनके, ना पहने, फूल हार हैं ॥

गले, में उनके, सर्प विराजे, बीच में, मुंडन माल है ।

जाकर, कह दो, पार्वती से, आया डमरू वाला है ।

नमः शिवाय, नमः शिवाय, दो मंत्रों की...

ना चोला है, तन पे उनके, ना पहने, आभूषण है ॥

भस्मी रमाए, आया जोगी, कमर बांध मृगछाला है ।

जाकर, कह दो, पार्वती से, आया डमरू वाला है ।

नमः शिवाय, नमः शिवाय, दो मंत्रों की...

ना हाथी, घोड़ा है उनके, ना कोई, संगी साथी है ॥

बैल, पे चढ़के, आया भोला, भूत प्रेत, बाराती हैं ।

जाकर, कह दो, पार्वती से, आया डमरू वाला है ।

नमः शिवाय, नमः शिवाय, दो मंत्रों की...

ना महल, दो महला उनके, ना कोई, ठौर ठिकाना है ॥

कैलाश पे, वास वोह करता, उसका, रूप निराला है ।

जाकर, कह दो, पार्वती से, आया डमरू वाला है ।

नमः शिवाय, नमः शिवाय, दो मंत्रों की माला है ।

जाकर, कह दो, पार्वती से, आया डमरू वाला है ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।