सुर से सुनाऊँ सरगम से सुनाऊँ

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

सुर से सुनाऊँ सरगम से सुनाऊँ

तर्ज- हाय शरमाऊँ

सुर से सुनाऊँ, सरगम से सुनाऊँ,

सतसंग में, सुनाऊँ सबको,

कि महिमा, राम नाम की,

कि महिमा, राम नाम की ॥

ब्रह्मा, जिनका नाम है,

ब्रह्मांड, जिनका धाम है ॥

ऐसे, वेद वाले को,

मेरा, बारम्बार, प्रणाम है ।

सुर से सुनाऊँ, सरगम से...

विष्णु, जिनका नाम है,

बैकुण्ठ, जिनका धाम है ॥

ऐसे, चक्र धारी को,

मेरा, बारम्बार, प्रणाम है ॥

सुर से सुनाऊँ, सरगम से...

शंकर, जिनका नाम है,

कैलाश, जिनका धाम है ॥

ऐसे, डमरू धारी को,

मेरा, बारम्बार, प्रणाम है ॥

सुर से सुनाऊँ, सरगम से...

श्री राम, जिनका नाम है,

अयोध्या, जिनका धाम है ॥

ऐसे, धनुष धारी को,

मेरा, बारम्बार, प्रणाम है ॥

सुर से सुनाऊँ, सरगम से...

कान्हा, जिनका नाम है,

मथुरा, जिनका धाम है ॥

ऐसे, मुरली वाले को,

मेरा, बारम्बार, प्रणाम है ॥

सुर से सुनाऊँ, सरगम से...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।