मैं पतंग हु प्यारे तेरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं पतंग हु प्यारे तेरे हाथ है मेरी डोर,

मैं हु तेरी मर्जी पे नचाले जिस और,

एक चले न बाबा तेरे आगे मेरा जोर,

मैं हु तेरी मर्जी पे नचाले जिस और,

तू श्याम बाबा मेरा तू ही मेरी मैया,

थाम के कलाही चलना धुप हो जा छइया,

देख के तुझको सोऊ तेरे भजन से जागे बोर

मैं हु तेरी मर्जी पे नचाले जिस और........

जीत भी काबुल मुझे हार भी काबुल है,

प्यार तेरे फूलो से भी हार भी काबुल है,

जीत के ना इतराऊ हारू तो करू ना छोर,

मैं हु तेरी मर्जी पे नचाले जिस और....

करू मैं गुलामी तेरी यही मेरा खवाब है,

अजमा के देख ये गुलाम ला जवाब है,

तू जो कहे मैं तो नाचो तेरे आगे बनके मोर,

तेरी ख़ुशी की खातिर बन जाऊ माखन चोर,

मैं पतंग हु प्यारे तेरे............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।