मीरा महलो की रानी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मीरा महलों की रानी दीवानी हो गई

मीरा, महलों, की रानी, दीवानी हो गई ll

दीवानी, हो गई, मस्तानी हो गई ll

वो, किसी, की ना मानी, दीवानी हो गई,,,

मीरा, महलों, की रानी, दीवानी,,,,

देखी, जो उसने, कन्हैया की सूरत l

दिल में, बसा ली वो, प्यारी सी मूरत ll

दीवानी, हो गई, मस्तानी हो गई ll

हो चढ़ा, प्रेम का पानी, दीवानी हो गई,,,

मीरा, महलों, की रानी, दीवानी,,,

प्रेम, सरोवर में, डुबकी लगाई l

लगी, मापने, प्रेम गहराई ll

दीवानी, हो गई, मस्तानी हो गई ll

हो कर, बैठी, नादानी, दीवानी हो गई,,

मीरा, महलों, की रानी, दीवानी,,,,

ठुकरा के, रिश्तों को, महलों से निकली l

दुनियाँ, ने देखी, कन्हैया की पगली ll

दीवानी, हो गई, मस्तानी हो गई ll

ख़ाक, गलियो, की छानी, दीवानी हो गई,,,

मीरा, महलों, की रानी, दीवानी,,

मीरा, कन्हैया के, दिल में समाई l

बिन्नु, करो कोई, ऐसी कमाई ll

दीवानी, हो गई*, मस्तानी हो गई ll

हुई, अमर, कहानी, दीवानी हो गई ll

मीरा, महलों, की रानी, दीवानी,,,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।