मुरली वाले तूँ मुरली बजाना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुरली वाले तूँ मुरली बजाना

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तर्ज़- फ़िरकी वाली

मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना,

नही, तरसाना, तूँ मुरली की, तान से,

तेरी, मुरली, बजी है, बड़ी शान से,

तेरी, मुरली, बजी है, बड़ी शान से, ॥

मुरली, बजाई तूने, यमुना के तट पर,

गोपीयों, के मन को, भा गई ॥

ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,

कैसा, जादू डाला,

मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...

मुरली, बजाई तूने, गोकुल किनारे,

ग्वालों, के मन को, भा गई ॥

ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,

कैसा, जादू डाला,

मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...

मुरली, बजाई तूने, वृंदावन में,

राधा, के मन को, भा गई ॥

ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,

कैसा, जादू डाला,

मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...

मुरली, बजाई तूने, मधुबन में,

सखियों, के मन को, भा गई ॥

ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,

कैसा, जादू डाला,

मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।