साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - देना हो तो दीजिये जनम जनम का साथ

साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात - २

चाहे जितनी मुसीबत आये - २

वो देगा मेरा साथ ,

साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात - २

सुना हैं मेने इसके दर पे सबकी किस्मत बनती हैं - २

इसके पास हैं ऐसी चाबी जिससे किस्मत खुलती हैं - २

मेरी किस्मत का भी ताला - २

खोलेगा वो आज ,

साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात - २

सोप दिया मेने हाथ ये अपना , सांवरे के हाथ में - २

हाथ पकड़कर चल दिया में , सांवरे के साथ में - २

अब चाहे जो हो जाये - २

ना छोड़ू उसका हाथ ,

साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात - २

जब से देखा सांवरे को , दिल में बसी हैं याद - २

उसने लगायी ऐसे मोहर , जिसकी मिटे ना छाप - २

चाहे मिट जाये ये जीवन - २

ना मिटेगी उसकी याद ,

साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात - २

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।