जागो जागो री ज्वाला मईया जागो-प्रीति शर्मा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जागो जागो री ज्वाला मईया जागो

जागो, जागो री, ज्वाला मईया जागो ।

जागो, जागो री, कालका मईया जागो ।

तेरे, भक्त, जगावे मईया ।

तेरे, भक्त, जगावे मईया ।

जागो, जागो री, ज्वाला मईया...

तेरे, द्वारे पे, अकबर आया ।

सोने, का, छत्तर चढ़ाया ॥

तूने, ठोकर, मार गिराया ।

अकबर, का, मान घटाया ।

जागो, जागो री, ज्वाला मईया जागो ।

मेरी, काली, मईया जागो ।

तेरे, द्वारे पे, ध्यानु आया ।

चरणों, में, शीश चढ़ाया ॥

तूने, पल में, जोड़ मिलाया ।

ध्यानु, का, मान बढ़ाया ।

जागो, जागो री, ज्वाला मईया जागो ।

जागो, जागो री, पहाड़ां वाली जागो ।

तेरे, द्वारे पे, भक्त जन आए ।

और, ध्वज़ा, नारियल लाए ॥

भक्तों, को, दर्श दिखाओ ।

मेरा, बेडा, पार लगाओ ।

जागो, जागो री, ज्वाला मईया जागो ।

जागो, जागो री तुम, नैना देवी जागो ।

जागो, जागो री, कालका मईया जागो ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।