छम छम बाजे देखो राधे की पायलिया ,

पारंपरिक
हनुमान जी भजन कृष्ण भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना

छम छम बाजे देखो , राधे की पायलिया ,

छम छम बाजे देखो , राधे की पायलिया ,

राधे का दीवाना हैं - २ , श्याम सांवलिया ,

छम छम बाजे देखो , राधे की पायलिया - २

श्याम श्याम राधेश्याम , श्याम श्याम राधेश्याम , - २

रोज रोज कान्हा देखो, मुरली बजावे - २

मुरली की धुन पे , राधा को नचावे - २

राधा संग नाचता हैं - २ , श्याम सांवलिया ,

छम छम बाजे देखो , राधे की पायलिया - २

श्याम श्याम राधेश्याम , श्याम श्याम राधेश्याम , - २

नाच नाच कर राधा, श्याम को रिझावे - २

राधा जी के मन को तो, श्याम ही भावे - २

राधा जी के मन में हैं - २ , श्याम सांवलिया

छम छम बाजे देखो , राधे की पायलिया - २

श्याम श्याम राधेश्याम , श्याम श्याम राधेश्याम , - २

जहा जहा जाए राधा , श्याम वही जाए - २

राधा के बिना श्याम , रह नहीं पाए - २

राधा के बिना हैं आधा - २ , श्याम सांवलिया ,

छम छम बाजे देखो , राधे की पायलिया - २

श्याम श्याम राधेश्याम , श्याम श्याम राधेश्याम , - २

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।