आई बदरिया बरसन आई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आई बदरिया बरसन आई

बरसन आई सखी बरसन आई

आई बदरिया...

गरज़-गरज़ दामिनी दमकावे,

ज्यों चुनरीं में झलक किनारी

आई बदरिया बरसन आई

बरसन आई सखी बरसन आई

आई बदरिया...

मधुर-मधुर कोयल बन बोले,

भवन-भवनगावत बृज़ नारी

आई बदरिया बरसन आई,बरसन आई

सखी बरसन आई

आई बदरिया...

चलत पवन शितल नारायण,

परत फुहार लगत अती प्यारी

आई बदरिया बरसन आई,बरसन आई

सखी बरसन आई

आई बदरिया...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।