हार के जग से खाटु जो आया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हार के जग से खाटु जो आया,

बाबा ने उस को गले से लगाया,

जब भी में भटका राहो से अपनी,

आगे चलकर रस्ता दिखाया,

साथ हु तेरे मत घबराना,

हार के जग से खाटु जो आया...........

चलते चलते गिर भी गया तो,

हाथ पकड़ कर मुझको उठाया,

बरसी है हम पर किरपा तुम्हारी

हार के जग से खाटु जो आया........

पहचान मेरी तुम से बनी है ,

संजू के जीवन की कली हर खिली है,

अहसान हम पर तेरा है भारी,

हार के जग से खाटु जो आया ,

बाबा ने उसको गले से लगाया

भजन लेखक एंव गायक:- संजू नादान (श्रीगंगानगर)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।