हारा वाला साडा साईं वे असां ला लईआं यारीआं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हारा वाला साडा साईं वे, असां ला लईआं यारीआं ।

मुरली वाला साडा साईं वे, असां ला लईआं यारीआं ।

मुकुटा वाला साडा साईं वे, असां ला लईआं यारीआं ।

रोज सवेरे यमुना ते जावां,

आ के तू गागर चुक्वाई वे,

असां ला लईआं यारीआं ।

तेरी मेरी प्रीत पुरानी,

प्रीत की रीत निभाई वे,

असां ला लईआं यारीआं ।

तेरे जेहा मेरा होर ना सोहना,

एक वार साडे घर आई वे,

असां ला लईआं यारीआं ।

डगमग डगमग नैया डोले,

बीच भावर में खाए हिचकोले ।

आपे तू पार लगाई वे,

असां ला लईआं यारीआं ॥

लोकी मैनू देवन ताने,

लगिआं तोड़ निभाई वे,

असां ला लईआं यारीआं ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।