सुनने के पुकार माँ दौड़ चली तू आई रण मे काली - माँ काली

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन विविध भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

सुनने के पुकार माँ दौड़ चली तू

आई रण मे काली - माँ काली

चंड - मुंड को मार गिराया

मुंडे माल का हार बनाया

आई आंधी काली

आई रण मे काली - माँ काली - 2

रक्त बीज का सिर है उड़ाया

रूप भयंकर आज दिखाया

आई बन विकराली

आई रण मे काली - माँ काली - 2

लकी चरण में शीश झुकावे

प्रतिदिन मैया ध्यान लगावे

आई मां मेरी काली ये काली

आई रण मे काली - माँ काली - 2

Lyrics - Lucky Shuk।a

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।