वे मैं योगन हो गई यां

पारंपरिक
अन्य भजन बाबा बालक नाथ भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

ਵੇ ਮੈਂ ਜੋਗਣ ਹੋ ਗਈ ਆਂ

ਧੁਨ -ਓ ਪ੍ਰੇਮ ਸੇ ਬੋਲੋ... ਜੈ ਬਾਬੇ ਦੀ...

ਵੇ ਮੈਂ, ਜੋਗਣ, ਹੋ ਗਈ ਆਂ,

ਜੋਗੀ ਦੇ, ਦੇਖ, ਸੁਨਹਿਰੀ ਵਾਲ਼ ॥

ਵੇ ਮੈਂ, ਰੋਗਣ ਹੋ ਗਈ ਆਂ,

ਜੋਗੀ ਦੇ, ਦੇਖ, ਸੁਨਹਿਰੀ ਵਾਲ਼ ॥

ਮਨ, ਮੇਰੇ ਦੀ, ਚਾਲ ਬਦਲ ਗਈ,

ਦੇਖ, ਫ਼ਕੀਰੀ ਚਾਲ ॥

ਵੇ ਮੈਂ, ਜੋਗਣ, ਹੋ ਗਈ ਆਂ...

ਭਗਵੇਂ, ਰੰਗ ਦਾ, ਬਾਣਾ ਪਾ ਲਿਆ,

ਭੁੱਲ ਗਈ, ਜਗ ਦਾ ਖਿਆਲ ॥

ਵੇ ਮੈਂ, ਜੋਗਣ, ਹੋ ਗਈ ਆਂ...

ਬਗ਼ਲ ਚ, ਝੋਲੀ, ਹੱਥ ਵਿੱਚ ਚਿਮਟਾ,

ਚਿਮਟੇ ਦੀ, ਵੱਜਦੀ ਤਾਂਨ ॥

ਵੇ ਮੈਂ, ਜੋਗਣ, ਹੋ ਗਈ ਆਂ...

ਅਪਲੋਡਰ- ਅਨਿਲਰਾਮੂਰਤੀਭੋਪਾਲ

धुन — ओ प्रेम से बोलो… जै बाबे दी…

वे मैं जोगण हो गई आं

वे मैं, जोगण, हो गई आं,

जोगी दे, देख, सुनहरी वाल॥

वे मैं, रोगण हो गई आं,

जोगी दे, देख, सुनहरी वाल॥

मन, मेरे दी, चाल बदल गई,

देख, फ़कीरी चाल॥

वे मैं, जोगण, हो गई आं...

भगवें रंग दा बाणा पा लिया,

भुल गई जग दा ख़याल॥

वे मैं, जोगण, हो गई आं...

बगल च, झोली, हाथ विच चिमटा,

चिमटे दी, वਜदी तान॥

वे मैं, जोगण, हो गई आं...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।