मेरे राधे तेरा मुस्कुराना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधे राधे… राधे राधे…

मेरे राधे तेरा मुस्कुराना,

दिल को भाए बड़ा सुहाना…

तेरी हँसी में बसती माया,

जो भी देखे, हो जाए दीवाना…

मेरे राधे तेरा मुस्कुराना…

बरसाने की गलियों में,

जब राधे करती चलना…

चूड़ी छनके, पायल बोले,

साँसों में बस जाए सजना…

श्याम भी देखे पलट-पलट के,

मन में उठे तराना…

मेरे राधे तेरा मुस्कुराना…

मेरे राधे तेरा मुस्कुराना,

दिल को भाए बड़ा सुहाना…

माथे की बिंदिया चमके,

जैसे चाँद गगन में आए…

तेरे मुख की छवि को देखे,

हर दिल भक्ति में डूब जाए…

तेरे नाम की जोत जले जब,

मिट जाए दुख-अफ़साना…

मेरे राधे तेरा मुस्कुराना…

राधे राधे जपें जो मन से,

सुख की धारा बहती जाए…

प्रेम सुधा बरसती रहे और,

जीवन फूल सा खिलता जाए…

मेरे राधे तेरा मुस्कुराना,

जग को लगे बड़ा निराला…

तेरी कृपा जो जिस पे हो जाए,

उसका जीवन हो जाए उजाला…

मेरे राधे तेरा मुस्कुराना…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।