तेरा श्याम कहा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बदले हुए से क्यों लग रहे हो

श्याम पराये से क्यों लग रहे हो

पहले दरबार आता देखकर तुम मुस्काते

सामने अब आया जो देख नजरे चुराते

कुछ तो बोलो क्यूँ बदले हो इतना बता दो श्याम

इतना बता दो श्याम

रोते हुए मैं जाता दर से श्याम ये कैसे देख रहे हो।

सोचा था बाबा आकर देगा मुझको सहारा

बताओ सांवरिया क्यू किया मुझसे किनारा

लुट रही है लाज ये मेरी तेरे होते श्याम

हा तेरे होते श्याम

गैरों को जैसे तुम भी बाबा बैठे बैठे हंसने लगे हो।

पहले क्यू प्रीत लगाकर प्रेम तुमने बढ़ाया

बुलाकर दर पे मुझको काहे मुखड़ा घुमाया

मांगने कुछ ना आता तुमसे आता मिलने श्याम

मैं आता मिलने श्याम

देख यूँ मुझको सामने अपने श्याम पसीना बहाने लगे हो।

ये दुनिया मुझसे पूछे कि तेरा श्याम कहा है

मैं छाती ठोक के कहता कि मेरा श्याम यहाँ है

रंग बदलती दुनिया में क्या तुम बदलोगे श्याम

क्या तुम बदलोगे श्याम

कृष्णा तुम्हीं तो अपने सनी का जन्मों से साथ निभाते रहे हो।

Lyrics -विकास अग्रवाल कृष्णा

Singer- सनी नारंग

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।