सब देवों ने फूल बरसाए

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

सब देवों ने फूल बरसाए

सब, देवों ने, फूल बरसाए,

महाँराज, गज़ानन आए ॥

महाँराज, गज़ानन आए ॥

सब, देवों ने, फूल बरसाए...

देवा, कौन, तुम्हारी माता ॥

और, किस के, लाल कहाए,

महाँराज, गज़ानन आए ।

सब, देवों ने, फूल बरसाए...

प्रभु, गौरां, जी है मेरी माता ॥

शिव, शंकर के, लाल कहाए,

महाँराज, गज़ानन आए ।

सब, देवों ने, फूल बरसाए...

देवा, कैसी, तुम्हारी पूजा ॥

प्रभु, किस का, भोग लगाए,

महाँराज, गज़ानन आए ।

सब, देवों ने, फूल बरसाए...

प्रभु, दीप, धूप तेरी पूजा ॥

मोदक, का भोग, लगाए,

महाँराज, गज़ानन आए ।

सब, देवों ने, फूल बरसाए...

प्रभु, क्या है, तुम्हारा वाहन ॥

तुम, कहाँ पे, प्रथम कहाए,

महाँराज, गज़ानन आए ।

सब, देवों ने, फूल बरसाए...

प्रभु, मूशक, तुम्हारा वाहन ॥

धरती, पर, प्रथम कहाए,

महाँराज, गज़ानन आए ।

सब, देवों ने, फूल बरसाए...

देवा, कौन, तुम्हारे प्रियत्तम ॥

और, किस संग, व्याह रचाए,

महाँराज, गज़ानन आए ।

सब, देवों ने, फूल बरसाए...

शुभ, लाभ, हमारे प्रियत्तम ॥

रिद्धि, सिद्धि, संग, व्याह रचाए,

गोकुल में, कन्हईया आए ।

सब, देवों ने, फूल बरसाए...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।