शिव गुरु तेरा नाम है सहारा हमारा

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव गुरु तेरा नाम है सहारा हमारा,

सहारा हमारा।

शिव गुरु तेरा नाम है सहारा हमारा,

सहारा हमारा।

अगर न मिलते इस जीवन में लेते जनम दोबारा,

शिव गुरु तेरा नाम है सहारा हमारा,

सहारा हमारा।

शिव गुरु तेरा नाम है सहारा हमारा,

सहारा हमारा।

शिव ने बनाया धरती, सूरज चाँद सितारे,

जब से गुरु बनाए, गुरुवर बने सहारे।

शिव ने बनाया धरती, सूरज चाँद सितारे,

जब से गुरु बनाए, गुरुवर बने सहारे।

खुशियों की खुशबू से महके घर संसार हमारे।

शिव गुरु तेरा नाम है सहारा हमारा,

सहारा हमारा।

शिव गुरु तेरा नाम है सहारा हमारा,

सहारा हमारा।

सूरज के पंख लगाके आए शरण तुम्हारे,

ऋषि मुनि बैरागी तेरे ही गुण गाए।

सूरज के पंख लगाके आए शरण तुम्हारे,

ऋषि मुनि बैरागी तेरे ही गुण गाए।

भैया हरीश और नीलम देते सबको करे इशारे।

शिव गुरु तेरा नाम है सहारा हमारा,

सहारा हमारा।

शिव गुरु तेरा नाम है सहारा हमारा,

सहारा हमारा।

अगर न मिलते इस जीवन में लेते जनम दोबारा,

शिव गुरु तेरा नाम है सहारा हमारा,

सहारा हमारा।

शिव गुरु तेरा नाम है सहारा हमारा,

सहारा हमारा।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।