साल बदला है कान्हा ना बदलेग हम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

साल बदला है कान्हा

साल, बदला, है कान्हा, ना बदलेग हम ॥

खा के, तेरी कसम, श्याम कहते हैं हम ॥

साल, बदला, है कान्हा ना...

श्याम, जैसे, तूँ रखेगा, रह लेंगे हम ॥

छोड़ के, दर तेरा, नहीं जाएंगे हम ॥

साल, बदला, है कान्हा ना...

तुमसे, कोई, शिकायत है, हमको नहीं ॥

तेरी, राज़ी में राज़ी, हो जाएंगे हम ॥

साल, बदला, है कान्हा ना...

श्याम, मेरा है, और कोई, सहारा नहीं ॥

अब किसी, और को न, पुकारेंगे हम ॥

साल, बदला, है कान्हा ना...

मैने, सच्ची, करी तुमसे, यारी मोहन ॥

यारी, जन्म, जन्म तक, निभाएंगे हम ॥

साल, बदला, है कान्हा ना...

मैने, छोड़ा, जमाना है, तेरे लिए ॥

छोड़, दोगे मुझे, कहां, जाएंगे हम ॥

साल, बदला, है कान्हा ना...

मुझे, एक, भरोसा है, तेरा मोहन ॥

कोई, आशा ना दूजी, लगाएंगे हम ॥

साल, बदला, है कान्हा ना...

लिख, दी मैने, सांसे, तेरे नाम पर ॥

कहूं, खा के कसम, नहीं सुधरेंगे हम ॥

साल, बदला, है कान्हा ना...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।