जय बजरंग बलवान हनुमाना

पारंपरिक
हनुमान जी भजन कृष्ण भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

जय बजरंग बलवान हनुमाना,

तेरे बिना ना हो कल्याणा।

राम नाम का ध्वज उठाया,

लंका में तूने दीप जलाया।

भक्ति तेरी सबसे न्यारी,

संकट हारे मूरख भारी।

जय जय हनुमान, जय जय हनुमान,

संकट मोचन हनुमान महान।

तेरा नाम जपे जो दिन रैन,

हर लेता है सबका पाप-वैभव चैन।

जय जय हनुमान, जय जय हनुमान।

सीता माई का दिया संदेशा,

राम भक्ति में खोया देशा।

उड़ चला तू पवन कुमार,

तेरे बल से जगत उद्धार।

तेरी गदा से शत्रु भागे,

भक्त तेरे नाम से जागे।

जय जय हनुमान, जय जय हनुमान,

संकट मोचन हनुमान महान।

तेरा नाम जपे जो दिन रैन,

हर लेता है सबका पाप-वैभव चैन।

जय जय हनुमान, जय जय हनुमान।

राम लला के प्यारे दुलारे,

तेरे बिना कौन सहारे।

शक्ति दे दे भक्तों को प्यारे,

तू ही रक्षक संकट हारे।

जय जय हनुमान, जय जय हनुमान,

पवनसुत हनुमान महान।

तेरे चरणों में है ठिकाना,

जय बजरंग बलवान हनुमाना।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।