सब मंगलमय कर देते हैं

लखबीर सिंह लक्खा
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सब मंगलमय कर देते हैं दक्षिणमुख के हनुमान प्रभु,

हर बिगड़े काम बनाते हैं दक्षिणमुख के हनुमान प्रभु,

जो काम कोई ना कर सकता ऐसे ही कितने काम किए,

सौ योजन की लंबी दूरी को बस एक छलाँग में पार किए,

मुश्किल को सरल बनाते हैं दक्षिणमुख के हनुमान प्रभु,

सब मंगलमय कर देते हैं...........

दक्षिण मैं जाकर के बजरंग श्री राम का पूरा काम किया,

माँ सीता ने फिर इसीलिए, हनुमत को था वरदान दिया,

सियाराम के मन को भाते हैं,दक्षिणमुख के हनुमान प्रभु,

सब मंगलमय कर देते हैं.............

हर दिशा की महिमा अलग अलग हर दिशा की महिमा है न्यारी

पर दक्षिणमुख के बजरंग पे हो जाए निरंजन बलिहारी,

शनिदेव से मुक्त करते हैं दक्षिणमुख के हनुमान प्रभु

सब मंगलमय कर देते हैं..............

सब मंगलमय कर देते हैं..............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।