मेरे श्याम सलोने प्यारे मोहन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे श्याम सलोने प्यारे मोहन ,

तुझको पाने को कितने करू मैं जतन,

जब से दिल में मेरे , तुम बस गए - २

तुझको पाने की दिल में लगी हैं लगन ,

ओ मेरे श्याम सलोने प्यारे मोहन ,

तुझको पाने को कितने करू मैं जतन,

कभी पूजा करू , कभी सेवा करू - २

कभी भजनों से तुझको रिझाऊ मोहन ,

ओ मेरे श्याम सलोने प्यारे मोहन ,

तुझको पाने को कितने करू मैं जतन,

कभी मथुरा में ढूँढू , कभी गोकुल में ढुँढू, - २

कभी वृन्दावन में तुझको ढूँढू मोहन ,

ओ मेरे श्याम सलोने प्यारे मोहन ,

तुझको पाने को कितने करू मैं जतन,

कभी राधा से पूंछू , कभी रुक्मण से पूंछू - २

कभी मीरा से जाकर मैं पूंछू मोहन ,

ओ मेरे श्याम सलोने प्यारे मोहन ,

तुझको पाने को कितने करू मैं जतन,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।