देवनारायण आरती

पारंपरिक
विष्णु भगवान आरती विविध भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

नारायण सांझ पड़ी ने दिन गयो रे भवन में

संध्या फूली ने दिन गयो रे भवन में

थारी झालर मोगर, थारी झालर मोगर

थारी भवरी री घोड़ी बड़े अच्छे म्हारा देव ...

होवे रे नारायण थारी आरती

नारायण धोलो रे घोडिलो ने धोलो देवरों

धनी म्हारा धोलो रे घोडिलो ने धोलो देवरों

थाने धोली धोली द्धवजा लहराईदू म्हारा देव ...

होवे रे नारायण थारी आरती

नारायण घड़ी दो घड़ी की होवे आरती

धनी म्हारा घड़ी दो घड़ी की होवे आरती

थारी आरती में सोला सिंगार हो देव ...

होवे रे नारायण थारी आरती

नारायण असला बोले ने थारे मसला भी बोले

असला बोले ने राणो मसला भी बोले

थारा देवरा रो, थारा मंडरियारो थारा देवरा रो मान बढाजे म्हारा देव ...

होवे रे नारायण थारी आरती

नारायण ढोल रे नगाड़ा ने खेड़ा बजीर्या

रे धर्मी ढोल रे नगाड़ा ने खेड़ा बजीर्या

थारी आरती में झालर को झनकारो हो देव ...…...

होवे रे नारायण थारी आरती

नारायण दूध रे पानी का तेरा नाहना

धनी म्हारा दूध रे पानी का तेरा नाहना

थारो वार तो मान्यों है शनिवार हो देव ...

होवे रे नारायण थारी आरती

नारायण कंचन थाल कपूर की बाती

बाबा कंचन थाल कपूर की बाती

थारे जगमग जोत जलम्मा हो देव ...

होवे रे नारायण थारी आरती

नारायण सांझ पड़ी ने दिन गयो रे भवन में

संध्या फूली ने दिन गयो रे भवन में

थारी झालर मोगर, थारी झालर मोगर

थारी भवरी री घोड़ी बड़े अच्छे म्हारा देव ...

होवे रे नारायण थारी आरती

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।