अवध में बाजे बधैया

आलोक जी ।
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

श्रीराम जन्मोत्सव : अवध में बाजे बधैया ।

जनम लियो रघुरैया,

अवध में बाजे बधैया ॥

रूप चतुर्भुज प्रभु दिखलाये ।

मातु विनय सुन शिशु बनि आये ॥

कौशल्या के लाल रमैया,

अवध में बाजे...

एक सुत कैकेयी ने जाये ।

माता सुमित्रा ने दो सुत जाये ॥

प्रकटे हैं चारो भइया,

अवध में बाजे...

रत्न-आभूषण राजा लुटाते ।

गो-धन-अन्नदान करवाते ॥

वस्तु भी देते मिठइया,

अवध में बाजे...

ऋषि-मुनि-देव-देवियाँ आये ।

गौरा-शिव-भुशुंडि जी आये ॥

कान्त भी गाये बधैया,

अवध में बाजे...

दासानुदास श्रीकान्त दास जी महाराज ।

स्वर : आलोक जी ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।