सब को रहा वो देख बावरे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन विविध भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

सब को रहा वो देख बावरे.

पण्डित हो या शेख बावरे.

कोई जग में मोती पाए ,कोई केवल कंकर पाता .

कोई धूप में जलता दिन भर, कोई ठंडी छां अलसाता.

अपना अपना लेख बावरे पण्डित हो या शेख बावरे.

अपने हाथ से खुद ही रंग ले अपने कर्मों की तस्वीरें.

कर्मों से बनती बिगड़ती उजली धुँधली सब तस्वीरें.

तू भी बदल ले रेख बावरे पण्डित हो या शेख बावरे.

इतने ठोकर खा के भी बस पाप ही पाप कमाता है।

अब तो चल तू नेक राह पे अंतर्मन समझाता है.

सुनता न तू एक बावरे पण्डित हो या शेख बावरे .

सब को रहा वो देख बावरे.

Lyrics music singers

Rajkumar Bhardwaj.

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।