हाथ जोड़ कर आप सभी से, करते हैं फरियाद बिल्कुल भी जूंठा ना छोड़ना, ये है महाप्रसाद

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन विविध भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज : स्वर्ग से सुंदर सपनों से

हाथ जोड़ कर आप सभी से, करते हैं फरियाद

बिल्कुल भी जूंठा ना छोड़ना, ये है महाप्रसाद

लो उतना ही थाली में, व्यर्थ ना जाए नाली में

हे अनपुरणा माता, तेरा शुक्रिया है

भर पेट खाने हमको, बहुत कुछ दिया है

सब मिलकर संकल्प करें कि, ना हो ये बर्बाद.. बिल्कुल

ये वो प्रसाद है जिसको, दुनिया तरसरी

उनको ही मिलता जिनपे, किरपा बरसती

ये नही मिलता जिनको उन्हें भी, करलो थोड़ा याद.. बिल्कुल

जी भरके आप खावो, सबको खिलावो

और फिर बचे तो जरूरतमंद को पहुंचावो

अम्बरीष अनपुरणा की कृपा से, होता घर आबाद.. बिल्कुल

Lyrics & Singer : Ambrish Kumar

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।