लिख दी ये जिंदगानी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

लिख दी ये जिंदगानी, तेरे नाम बांके बिहारी।

तेरे दर पे बीत जाए, मेरी उमर ये सारी।।

तेरे नाम का रस पीता रहूँ , दर्शन की आशा पे जीता रहूँ।

यही बात मन में ठानी,हो जाए कृपा तिहारी।।

तेरे दर पे बीत जाए, मेरी उमर ये सारी।।

लीलाओं का आस्वादन करूं, वाणी से नित नाम गायन करूं।

दर दर की खाक छानी,मिले मुझको शरण तुम्हारी।।

तेरे दर पे बीत जाए, मेरी उमर ये सारी।।

'चित्र विचित्र' के प्यारे हो तुम,पागल के नैनों के तारे हो तुम।

इस जग को क्या बतानी,मेरी तुम्हारी यारी ।।

तेरे दर पे बीत जाए, मेरी उमर ये सारी।।

लिख दी ये जिंदगानी, तेरे नाम बांके बिहारी।

तेरे दर पे बीत जाए, मेरी उमर ये सारी।।

स्वर श्री चित्र विचित्र जी महराज।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।