देख लिया श्याम मुझे तिरछी नजर

स्वर एवं संगीत : श्री श्रीकान्त दास जी महाराज ।
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

देख लिया श्याम मुझे तिरछी नजर ।

तिरछी नजर सखी तिरछी नजर ॥

देखा जो उसको मैं बावरी हो गयी ।

जमुना में बहके भटकी मेरी खो गयी ॥

इतना नहीं सखी भूली डगर ।

देख लिया श्याम मुझे तिरछी नजर ॥

नजरें मिलाकर में क्या कर गयी रे ।

माखन की मटकी मैं खुद दे गयी रे ॥

है तीर सी उसकी तिरछी नजर ।

देख लिया श्याम मुझे तिरछी नजर ॥

दौड़ी पकड़‌ने को देखा एक बारी ।

पत्थर की मूरत बनी वो बेचारी ॥

कान्त कन्हैया की अद्‌भुत नजर ।

देख लिया श्याम मुझे तिरछी नजर ॥

रचना-स्वर एवं संगीत : श्री श्रीकान्त दास जी महाराज ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।