प्रभू भी पाप करनी को तेरे जब देखता होगा

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विविध भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

¤ चेतावनी भजन ¤

प्रभू भी पाप करनी, को तेरे जब देखता होगा ।

जहाँ भेजा जो करने को, किया ना सोचता होगा ॥

मुसाफिर बन चला जब जीव, हरि का धाम तजकरके ।

भ्रमण कर आऊँगा वापस, प्रभू का नाम भजकरके ॥

जन्म नर का लिया रोया, कहाँ क्या क्या ही अब होगा ?

प्रभू भी...

स्वयं के स्वाद के कारण, जीव को मारकर खाया ।

पकड़ मदिरा के प्याले को, बहन-बेटी को तड़पाया ॥

पाप जो भी किये तुमने, प्रभु भी लिख रहा होगा ।

प्रभू भी...

कहीं हिंसा कहीं नफ़रत, कहीं करली लड़ाई को ।

छीन सुखचैन सज्जन के, दया कब है कसाई को ॥

देर तो है नहीं अंधेर, अन्त में तड़पना होगा ।

प्रभू भी...

पाप के भार से दबकर, तड़पकर मर गया पापी ।

भयानक यातना यम की, भोगता है वो संतापी ॥

उठेगी कान्त जब अर्थी, ज़माना थूकता होगा ।

प्रभू भी...

भजन रचना : श्री श्रीकान्त दास जी महाराज ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।