मईया तेरे भवनों मे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मईया तेरे भवनों मे

धूम, मची बेशुमार ॥मईया, तेरे भवनों मे ॥

पायल, घुँघरू, ताल ॥नाचे मन, भवनों में...

धूम, मची बेशुमार, मईया, तेरे...

उड़ती, जाए, लाल चुनरिया ।

( लाल, चुनरिया ॥उड़ती जाए, लाल चुनरिया )

लग, न जाए, कहीं नज़रिया ॥

( कहीं नज़रिया ॥लग, न जाए, कहीं नज़रिया )

कंज़कों की, खड़ी है कतार ॥मईया, तेरे भवनों मे...

धूम, मची बेशुमार, मईया, तेरे...

कोयल, बैठी, कूह कूह बोले ।

( कूह कूह बोले ॥कोयल, बैठी, कूह कूह बोले )

कानों, में पई, रस है घोले ॥

( रस है घोले , कानों, में पई, रस है घोले )

जैसे, गा रही मल्हार ॥मईया, तेरे भवनों मे...

धूम, मची बेशुमार, मईया तेरे...

भक्त, तेरे, दरबार पे आए ।

( दरबार पे आए ॥भक्त, तेरे, दरबार पे आए )

झूमे, नाचे, महिमा गाए ॥

( महिमा गाए ॥झूमे नाचे महिमा गाए )

तेरी, हो रही, जय जैकार ॥मईया, तेरे भवनों मे...

धूम, मची बेशुमार, मईया, तेरे...

रमन, को माँ, तेरा सहारा ।

( तेरा सहारा ॥रमन, को माँ, तेरा सहारा )

सुख दुःख, में माँ, तुझे पुकारा ॥

( तुझे पुकारा ॥सुख, दुःख में माँ, तुझे पुकारा )

भक्तों को, दे जा दीदार ॥मईया, अपने भवनों मे...

धूम, मची बेशुमार, मईया, तेरे...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।