॥ पावन पाठ ॥
[ ललित लड़ैती राधिका
में मांगू गोद पसार
दीजिए निज पद चरण रज
और बरसाने को वास ]
ओह लाडो प्यारी मैं सदके तेरे
मैं वस जावां बरसाने तेरे
[ ललित लड़ैती राधिका
में मांगू गोद पसार
दीजिए निज पद चरण रज
और बरसाने को वास ]
ओह लाडो प्यारी मैं सदके तेरे
मैं वस जावां बरसाने तेरे