गोरां की आई है बारात, भोले बाबा नाच रहे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

गोरां की आई है बारात, भोले बाबा नाच रहे

भोले बाबा नाच रहे कि भोले बाबा नाच रहे,

भूतों को लेके अपने साथ, भोले बाबा नाच रहे

सर्पों का ही पहना चोला, ब्याहवण आया शंकर भोला

भष्मी से चमकै है गात, भोले बाबा नाच रहे

गोरां की आई है बारात, भोले बाबा नाच रहे

मस्तक ऊपर चन्दा साजै, डम डम डम डम डमरु बाजै

मेंहदी रचा के अपने हाथ, भोले बाबा नाच रहे

गोरां की आई है बारात, भोले बाबा नाच रहे

जसपाल जनाल भी महिमा गावै, भोले जी के भजन बनावै

ले हाथ में कलम दवात भोले बाबा नाच रहे

.गोरां की आई है बारात, भोले बाबा नाच रहे

राईटर जसपाल जनाल JASPAL JANAL

8699406500

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।