मुझे नींद नहीं आ रही सुलादे कृष्णा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुझे नींद नहीं आ रही सुलादे कृष्णा

सुलादे कृष्णा, सुलादे कृष्णा

मुझे नींद नहीं आ रही सुलादे कृष्णा

तेरी बांसुरी की धुन प्यारी सुनादे कृष्णा

करूं जतन मै पूरी कान्हा, नींद निगोडी आए ना

ऐसी क्या बेरुखी मुझसे, कहो इसे तड़पाए ना

मुझे नींद नहीं आ रही...

नाम भी जप लिया माला भी फेरी, कुछ भी काम आए ना

करवट पे करवट मैं बदलूं, चैन तनिक भी आए ना

मुझे नींद नहीं आ रही...

तू हो पास में, मैं झुलूँ, तेरी गोदी का पलना

हाथ फिराए सिर पे मेरे, देखूं तेरा ही सपना

मैं मीठी नींद में सो जाऊं सुलादे कृष्णा

मुझे नींद नहीं आ रही...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।