हमारा प्यारा अयोध्या धाम

मुकेश पाण्डेय
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

हमारा प्यारा अयोध्या धाम

मां सरयू के तट पे बसाया

मां सरयू के तट पे बसाया

श्री हरि ने निज धाम

अयोध्या धाम अयोध्या धाम

हमारा प्यारा अयोध्या धाम

है जग से न्यारा अयोध्या धाम

हमारा प्यारा अयोध्या धाम

प्रथम नगर है ये सृष्टि का

प्रथम नगर है ये सृष्टि का

जन्मे जहां प्रभु राम

अयोध्या धाम अयोध्या धाम

हमारा प्यारा अयोध्या धाम

है जग से न्यारा अयोध्या धाम

अंतरा - 1

मणि मंडप है स्वर्ग लोक का अवधपुरी का रूप

जहां बराबर सभी एक रस रंक हो या फिर भूप

चक्र सुदर्शन पर स्थित है तारनहारी नाम

अयोध्या धाम अयोध्या धाम

हमारा प्यारा अयोध्या धाम

है जग से न्यारा अयोध्या धाम

हमारा प्यारा अयोध्या धाम

अंतरा - 2

है राजधानी सिद्ध संत और परमहंस की खान

त्याग तपस्या और समर्पण का बांटा है ज्ञान

देवी देवता रूप बदल नित

देवी देवता रूप बदल नित

विचरत हैं हरि धाम

अयोध्या धाम अयोध्या धाम

हमारा प्यारा अयोध्या धाम

है जग से न्यारा अयोध्या धाम

हमारा प्यारा अयोध्या धाम

अंतरा - 3

राम नाम धुन सदा सुनाई देती यहां अविराम

योगी ध्यानी दरस परस कर करें जहां विश्राम

रक्षक हैं इस दिव्य नगर के

रक्षक हैं इस दिव्य नगर के

महाबली हनुमान

अयोध्या धाम अयोध्या धाम

हमारा प्यारा अयोध्या धाम

है जग से न्यारा अयोध्या धाम

हमारा प्यारा अयोध्या धाम

अंतरा- 4

रिद्धि सिद्धि जहां गली-गली में विहरत आठों याम

सब धामों में धाम शिरोमणि श्री अयोध्या धाम

कण कण में सियाराम बसत हैं

कण कण में सिया राम बसत हैं

रज है चारो धाम

अयोध्या धाम अयोध्या धाम

हमारा प्यारा अयोध्या धाम

है जग से न्यारा अयोध्या धाम

हमारा प्यारा अयोध्या धाम

अंतरा -- 5

मां सरयू की पावन धारा गाये राम गुण गान

कितना बड़ा पतित हो पावन होता कर स्नान

गाते विवेक मुकेश वही जो

गाते विवेक मुकेश वही जो

कहता वेद पुराण

अयोध्या धाम अयोध्या धाम

हमारा प्यारा अयोध्या धाम

है जग से न्यारा अयोध्या धाम

हमारा प्यारा अयोध्या धाम

गायक - विवेक पाण्डेय रुद्राक्ष

श्री अयोध्या धाम

गीतकार - मुकेश पाण्डेय

संगीतकार - बबलू मिश्रा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।