जो गिरते को संभाले वही तो श्याम है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जो गिरते को संभाले वही तो श्याम है

जो संकट से निकले वही तो श्याम है

लाडो बेटी हुई सयानी बाप की आंख में आ गया पानी

कैसे इसका ब्याह कराऊ इतना पैसा कहां से लाऊं

जो आके लाज बचा ले वही तो श्याम है

जो गिरते को संभाले वही तो श्याम है...

बच्चों को मां छोड़ गई है जग से नाता जोड़ गई है

रो रो कर तुझे पुकारे कौन देगा हमें सहारे

जो अपना समझ के पाले वही तो श्याम है

जो गिरते को संभाले वही तो श्याम है...

अंधे की लाठी बन जाओ निर्मल के साथी बन जाओ

श्याम कह कर उनकी सेवा श्याम के प्यार तुम बन जाओ

जो देता इन्हें सहारे वही तो श्याम है

जो गिरते को संभाले वही तो श्याम है...

लिरिक्स श्याम अग्रवाल कोलकाता

Con.+919331040430

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।