खाटु शयाम के धाम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटु शयाम जी का भजन

मुझे सपना खाटु शयाम का आया

जब मैसेज बाबा का आया,

मैं हो गया था हैरान बड़ा |

मुझे सपना सुबह एक आया,

मैं खाटु शयाम के धाम खड़ा ||

मोटी मोटी आंखें मेरी आंखो में डाली,

डूबती हुई नैया मेरी बाबा ने संभाली,

मुझे चरनों से बाबा ने लगाया,

मैं खाटू शयाम के धाम ...

लीला घोड़ा बाबा का घर मेरे आ लिया,

बाबा जी ने मुझ को भी घोड़े पे बैठा लिया,

मुझे खाटू में बाबा ने घुमाया ,

मैं खाटु शयाम के धाम खड़ा ...

जब खूली थी आंख जनाल जसपाल की ,

अरे बाबा की कृपा उस पे कमाल थी,

दिलशान को भी साथ ही बुलाया ,

मैं खाटु शयाम के धाम खड़ा ...

लेखक जसपाल जनाल 8699406500

अवाज संजीव सूलतान

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।