अब तू ही बता गोपाल कुण पार लगावेगो

लखबीर सिंह लक्खा
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अब तू ही बता गोपाल कुण पार लगावेगो,

दुनिया तेरी ऐसी है बटका सा भरे मेरे,

अगर तू नहीं होवे तो नैया ने डूबोगे रे,

फस गई मझधारा में कुण राह दिखावेगो,

कुण पार लगावेगो कुण आड़े आवेगो,

अब तु ही बता गोपाल.....

तू दाता दुनिया को बण देवे लिख्यो लिख्यो,

मेरी गर मिट गई तो फेरु सो श्यामल को,

फूटी मेरी किस्मत ने कद हाथ लगावेगो,

कुण पार लगावेगो,

कुण आड़े आवेगो अब तु ही बता गोपाल,

कुण पार लगावेगो

कवे ‘रामकुमार’ ओ श्याम मेरी अर्जी सुण लेना,

मेरी आफत ने टालो काना तले मत देना,

काना तले मत देना तेरे हाथां में पतवार,

सौंपी तू ही जाणेगो कुण पार लगावेगो,

कुण आड़े आवेगो अब तु ही बता गोपाल,

कुण पार लगावेगो,

अब तू ही बता गोपाल कुण पार लगावेगो.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।