नैन तेरे कज़रारे हैं घूँघर वाले वाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नैन तेरे कज़रारे हैं, घूँघर वाले वाल ।

रूप तुम्हारा देख के मोहन, हाल हुआ बेहाल ॥

अधर पर तेरी मुरली सोहे, राधा रानी साथ है...

वाह वाह क्या बात है, वाह वाह क्या बात है ॥

कितनी सोहनी कितनी प्यारी तेरी सूरत लगती है ।

धरती की सारी उपमाएँ तेरे आगे फ़ीकी हैं ॥

आओ कन्हैया अब तो आओ, फूलों की बरसात है...

वाह वाह क्या बात है, वाह वाह क्या बात है ॥

मोर मुकुट पितांबर सोहे गल वैजन्ती माला हैं ।

राधा रानी साथ विराजे मुख मोहन का निराला हैं ॥

ढोलक वाजे मँजीरा वाजे, नाचे सब मिल ताल हैं...

वाह वाह क्या बात है वाह वाह क्या बात है ॥

आज अनोख़ा अवसर आया खुशियों का त्योहार हैं ।

खुशबु उड़ उड़ करके देखो महक रहा दरबार हैं ॥

जितना चाहो उतना लूटो, बाबा का दरबार हैं...

वाह वाह क्या बात है वाह वाह क्या बात है ॥

रूप तुम्हारा देख के मोहन चाँद सितारे शरमाए ।

साँवरिया से मिलने देखो सभी देवता हैं आए ॥

भोले बाबा डमरू वजाएँ, ब्रह्मा विष्णु साथ हैं...

वाह वाह क्या बात है वाह वाह क्या बात है ॥

बोल बांके बिहारी लाल की... जय...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।