दूल्हा बन गए हरे हरे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

पहले परे रहे आम तरे, हां हां आम तरे।दूल्हा बन गए हरे हरे।

पहले परे रहे आम तरे, दूल्हा बन गए हरे हरे।

अजी दूल्हा बन गए हरे हरे।

चारों भैया दूल्हा बन गए हरे हरे।

पहले परे रहे आम तरे, हां हां आम तरे।

दूल्हा बन गए हरे हरे।

जिन पावन से पथरा तर गए।

पथरा तर गए।पथरा तर गए।

उन पावन के पांव पड़े।

हां हां पांव पड़े।

दूल्हा बन गए हरे हरे।

पहले परे रहे आम तरे, हां हां आम तरे।

दूल्हा बन गए हरे हरे।

दश हजार से टूटो नैआ।

टूटो नैआ।टूटो नैआ।वो

धनुष टूट गया हाथ धरे।

हां हां हाथ धरे।दूल्हा बन गए हरे हरे।

पहले परे रहे आम तरे, हां हां आम तरे।

दूल्हा बन गए हरे हरे।

या बाबा से सब जग हारो।

सब जग हारो।सब जग हारो।

सब जग हारो।वो बाबा हारगो बिना ही लड़े।

दूल्हा बन गए हरे हरे।

पहले परे रहे आम तरे, हां हां आम तरे।

दूल्हा बन गए हरे हरे।

पहले परे रहे आम तरे, हां हां आम तरे।दूल्हा बन गए हरे हरे।

Pandit Pawan Dev Sharma

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।