रे मन मेरे बावरे तू ले चल परली पार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रे मन मेरे बावरे तू ले चल परली पार

रे मन मेरे बावरे तू ले चल परली पार

मेरा सांवरा खड़ा है

मेरा सांवरा खड़ा है वहां अपनी बांहे पसार

रे मन मेरे बावरे तू ले चल परली पार

रे मन मेरे बावरे तू ले चल परली पार

तेरी रचना अद्भुत अनुपम तन सुंदर मन सुंदर है

तेरी रचना अद्भुत अनुपम तन सुंदर मन सुंदर है

इंद्रियों के व्यूह में फंसकर जीवन बहता निरंतर है

इंद्रियों के व्यूह में फंसकर जीवन बहता निरंतर है

क्यूं माया जाल बिछाया

क्यूं माया जाल बिछाया कि उलझ गया संसार

रे मन मेरे बावरे तू ले चल परली पार

रे मन मेरे बावरे तू ले चल परली पार

झूठे है ये रिश्ते जग के झूठी है ये काया

झूठे है ये रिश्ते जग के झूठी है ये काया

मोह माया के फेर में पड़कर हीरा जनम गंवाया

मोह माया के फेर में पड़कर हीरा जनम गंवाया

कहीं देर न हो जाए कान्हा

कहीं देर न हो जाए कान्हा मेरी बिगड़ी आके संवार

रे मन मेरे बावरे तू ले चल परली पार

रे मन मेरे बावरे तू ले चल परली पार

तू ही मेरा स्वामी कान्हा तू ही मेरा पिता है

तू ही मेरा स्वामी कान्हा तू ही मेरा पिता है

तू ही मेरा पुत्र है कान्हा तू ही मेरा सखा है

तू ही मेरा पुत्र है कान्हा तू ही मेरा सखा है

हर रिश्ता पाया तुझमें

हर रिश्ता पाया तुझमें तू सच्चा रिश्तेदार

रे मन मेरे बावरे तू ले चल परली पार

रे मन मेरे बावरे तू ले चल परली पार

अर्जी एक ही कान्हा तुझसे करना नहीं बहाना

अर्जी एक ही कान्हा तुझसे करना नहीं बहाना

मोर मुकुट पीतांबर वाली छवि मुझे दिखलाना

मोर मुकुट पीतांबर वाली छवि मुझे दिखलाना

कान्हा तू जल्दी आना

कान्हा तू जल्दी आना जब मौत खड़ी हो द्वार

रे मन मेरे बावरे तू ले चल परली पार

रे मन मेरे बावरे तू ले चल परली पार

मेरा सांवरा खड़ा है

मेरा सांवरा खड़ा है वहां अपनी बांहे पसार

रे मन मेरे बावरे तू ले चल परली पार

रे मन मेरे बावरे तू ले चल परली पार

रे मन मेरे बावरे तू ले चल परली पार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।